सड़क से लगे फुटपाथ पर
सड़क से लगे फुटपाथ पर बिना किसी वाहन में सवार होकर पैदल पैदल अपने पांवों पर चलना किसे अच्छा नहीं लगता होगा किसी से नजरें...
सड़क से लगे फुटपाथ पर बिना किसी वाहन में सवार होकर पैदल पैदल अपने पांवों पर चलना किसे अच्छा नहीं लगता होगा किसी से नजरें...
गंगा ही क्यों हर जल की धारा अति पावन।
बहुत कुछ कहना है इसीलिए कुछ कह नहीं पा रही दिल पर बहुत है बोझ इसे उतारने के लिए तलाश रही कोई खाली जगह वह...
मोहब्बत तो दूर की बात है कुछ लोगों के काम होते हैं इतने भयावह, शर्मनाक और वीभत्स कि उनसे नफरत भी नहीं होती ख्यालों में...
उपहार में मुझे कहीं तुम जो मिल जाओ तो मैं आश्चर्यचकित हो जाऊंगी किसी उपवन से तोड़कर तुम कोई फूल न लाना तुम हो मेरे...
तुम्हारी आंखों में मुझे मोहब्बत का एक जहां दिखता है खुदा का एक मकान दिखता है एक ठहरा हुआ लम्हा दिखता है एक बहता हुआ...
जब दिल का दर्द बांटने के लिए दुनिया की भीड़ कम लगने लगे और इसके लोग पराये तो अपनी परछाई को अपना हमसफर बना लेना...
कोहरा घना है कोहरा मेरे सिर पर एक बादलों के छत्ते सा तना है कोहरे में चारों तरफ कोई मंजर दिखता नहीं कोहरे में एक...
जिन्दगी गुजर रही है मुझे नहीं पता कि यह अच्छी गुजर रही है या बुरी गुजर रही है बस गुजर रही है किसी का...
उदासी किसी मेहमान की तरह बस आये और जाये यह दिल की जमीन पर कहीं अपना स्थाई घर न बनाये उदासी बड़ी दुखदाई होती है...
यह जमीन यह नीला आकाश तन मन सा।
रिश्तों के बंधन में स्वतंत्रता थी घर के बड़े अनुभवी सदस्यों की सिर पर एक वटवृक्ष सी परछाई जो थी अब जो यह बंधन खुला...