आज से
कल जो थी वह मैं ही थी न बेहद थकी हुई बहुत उदास बहुत निराश दिन निकलते ही कई बार ऐसा लगता है कि सांझ...
कल जो थी वह मैं ही थी न बेहद थकी हुई बहुत उदास बहुत निराश दिन निकलते ही कई बार ऐसा लगता है कि सांझ...
हे मेरे प्रभु करुणा के सागर रक्षा कवच।
मेरी आंखों के सामने एक पर्दा पड़ा है लम्बी लम्बी लकीरों को जोड़ता हुआ सारी लकीरें एक रंग की एक आकार की एक प्रकार की...
एक घने पेड़ की छांव है वह एक बहती हुई नदी पर नदी किनारे एक ठहरी हुई नाव है वह पतझड़ का मौसम है इस...
विरक्ति दुनिया के घटनाक्रमों से मिल जाती है लेकिन एक खाली कमरे में अकेले एक कोने में बैठकर अपने ख्यालों से कहां मिलती है सारे...
यह एक चौराहा ही तो है जहां चार दिशाओं की तरफ से आती चार भुजाएं यानी चार रास्ते मिलते हैं यही वह जगह है जहां...
वादा जो करते हैं वह लोग अक्सर उन्हें तोड़ते हैं जो वादा नहीं करते और संजीदा स्वभाव के होते हैं बुरे वक्त में काम तो...
मुझे तो हर सुबह एक नई सुबह और जीवन की एक नई शुरुआत लगती है बीते हुए पल तो मुझे पिछले जन्म की कहानी से...
कल्पना शक्ति से बहुत कुछ है सम्भव जो यथार्थ में प्रतीत होता है असम्भव सपनों के पंखों से हम मनचाही दिशा में उड़ान भर सकते...
कभी सूखा कभी बारिश कभी सर्दी कभी गर्मी कभी धूप कभी छांव कभी सुख कभी दुख कभी हंसी कभी मातम यही तो है जिन्दगी के...
अकेलापन अच्छा भी है और बुरा भी अच्छा है क्योंकि खुद के लिए समय ही समय है बुरा है क्योंकि कोई साथ नहीं है लेकिन...
मेरी इकलौती लिपिस्टिक खत्म होने वाली है जल्द ही बाजार में किसी अच्छी कॉस्मेटिक्स की शॉप पर जाकर वहां से अपनी पसंद की नई एक...