बेल पर झूल रहे पत्तों से ही रह रहकर मुस्कुरायेंगे
मैं खामोश हूं खामोशी से देख रही हूं अपने मन के उपवन में खिलते प्रेम के महकते फूलों को दुनिया के बनावटीपन से उकता गई...
मैं खामोश हूं खामोशी से देख रही हूं अपने मन के उपवन में खिलते प्रेम के महकते फूलों को दुनिया के बनावटीपन से उकता गई...
अपनों को अपना मानती हूं उनसे दिल से सच्चा प्यार करती हूं अपने मन को लाख समझाती हूं पर जाने अनजाने फिर लौट कर उन...
बच्चों का साथ एक नव ऊर्जा से भर देता है जीवन के कैनवास में चटकीले रंग और शिराओं में बहते लहू से यौवन की तरंग...
चांद तक तो पहुंचु फिर जानूं कि चांद के पार क्या होगा चांद के पार क्या होगा एक दूसरा चांद होगा दूसरे चांद के पार...
गुलाब और कांटे संग संग, रहते बेशक हों एक दूसरे से तंग तंग एक दूसरे को गले लगाकर मिलाये रखते पर अंग अंग गुलाब की...
लाइटहाउस अंधकार में प्रकाश भरता है जल मार्ग को प्रकाशित करता है जहाजों को, उसमें सवार मुसाफिरों को राह भटकने से बचाता है उन्हें मंजिल...
सुख की एक परछाई सा है यह दुख, ग़म और दर्द कभी इसका आकार बढ़ेगा तो कभी घटेगा इसके होने से परेशान क्या होना यह...
दर्द पर प्यार का मरहम लगा और दिल खोलकर सहज भाव से मुस्कुरा।
जंगल में सुना था कि सन्नाटा पसरा होता है इसके हर कोने में मुझे तो जंगल कॉटेज में रुक कर ऐसा अनुभव बिल्कुल नहीं हुआ...
मेरे मन के सूनेपन के जंगल के सन्नाटों को तोड़ती कोई फोन की घंटी बजती है तो मेरे तन की शिराओं में एक नया जोश...
जमीन पर खड़ी मैं आसमान को पुकारती हूं कि मुझे प्रेरित करो सिर्फ आज नहीं, हमेशा के लिए ही प्रेरित करो ।
मेरे मन के मन्दिर में रखे दीपक का प्रकाश कभी कभार बीच बीच में अनायास बिना किसी कारण बिना बात कम हो जाता है मैं...