जीवन का दर्द से है एक गहरा रिश्ता
यह जीवन क्या है क्या एक जमा हुआ बर्फ का टुकड़ा वह भी दर्द से कराहता हुआ बर्फ पिघल नहीं पा रही उसे सूरज की...
यह जीवन क्या है क्या एक जमा हुआ बर्फ का टुकड़ा वह भी दर्द से कराहता हुआ बर्फ पिघल नहीं पा रही उसे सूरज की...
प्रेम अपनी तरफ आकर्षित करता है लेकिन एक लंबे समय तक या आजीवन या जीवन की आखिरी सांस तक वह बना रहे इसके लिए उसका...
पेड़ों से पत्ते झड़ रहे हैं जमीन की मिट्टी, रास्ते की सतह पर बिछ रहे हैं लोगों के पैर उनके ऊपर से होकर उनके बदन...
दर्द की इंतहा बेहद दर्दनाक होती है यह जानलेवा होती है यह घातक होती है इसके बाद भी जीवन मिले तो यह किसी करिश्मे से...
पेड़ पर पत्ते लगे हुए अच्छे लगते हैं जमीन पर पड़े हुए पेड़ से टूटकर गिरकर बिखर कर उससे जुदा होकर उससे दूर जाते हुए...
मैं खुश हूं कि बहारें लौट आई हैं और गुलशन को महका रही है कुछ एक पत्ते पेड़ों की शाखों से उतरकर हवाओं संग बहकर...
रास्ते पर कदम बढ़ाये थे एक उत्साहित मन से लेकिन मंजिल तक पहुंचते पहुंचते हतोत्साहित हो गई घर लौटकर अपने कमरे में बंद होकर फिर...
इस त्योहार उपहारों की बौछार उपहार में प्यार घुला मेरे दिल के रंग सा जीवन को मुस्कुराते हुए जीने की एक युवा उमंग सा सबके...
जब यह अच्छी तरह से तुम्हें पता है कि वह आदमी हर तरह से सही है तो बार-बार, हर क्षण उसकी परीक्षा क्यों लेते रहते...
अवहेलना करी तो किसकी एक चारों दिशाओं में प्रकाश बिखेरते सुबह के उगते सूरज की, अंधकार की नहीं! एक गुलशन को महकाते चहुं ओर खुशबू...
मेरी पायल है बिना घुंघरुओं की लेकिन मेरे जी में आ रहा है कि इन्हें बांधकर अपने पैरों में नाचूं जंगल में ही नाचती किसी...
मैं एक पेड़ पत्तों को संग लिए हवाओं को भी।