खुशी सच के आवरण वाली


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जीवन में
कुछ भी स्थाई नहीं है लेकिन
जब तक यह जीवन है
कुछ तो
कुछ पल के लिए सही पर
स्थाई होना चाहिए
उम्र भर हो सके
कुछ स्थाई तो फिर
कहने ही क्या है
पैसा उधार लिया और
उसे इस्तेमाल करके
खुश होना
कुछ समय के लिए है लेकिन
स्थाई तौर पर नहीं
जाम हाथ में लिया
उसे चखा और
मदहोश हुए
खुशी मिली फिर
पल दो पल की
जब होश में आये तो
फिर वही तन्हाई का आलम
यह आलीशान बंगला
यह चमचमाती गाड़ियों का
काफिला
यह मेहमानों का घर में
आवागमन
यह उनके इत्र से महकी
महफिलें
यह छलछलाते जाम के
प्याले
यह उनके झिलमिलाते
परिधानों की चौंध
यह उनके आभूषणों की
खनखनाती गूंज
यह सब ऐश्वर्य लेकिन
फिर पल भर का
पलक झपकते
फिर एक जानलेवा सन्नाटा
जीवन में कोशिश यह हो कि
अपने हुनर और
काबिलियत के दम पर
कुछ ऐसा हासिल करें जो
दिल को प्रसन्नता से
भर दे
खुशी सच के आवरण वाली
बनावटी, नकली या
अस्थाई वाली नहीं
जीवन देने का नाम है
लेने का नहीं
किसी के लिए
कुछ कर गुजरने से
हो सकता है
एक सच्ची खुशी मिले जो
जीवन के आखिरी पल तक
किसी की सांसों की लय के साथ
थिरकती रहे।


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