उसकी आंख
कमियां बस अपने मां,
बाप, भाई, बहन और
परिवार में देखती है
बाकी दुनिया तो
देवता तुल्य है
पूजा के लायक
बहुत अच्छी
बहुत शिष्टाचारी
अति संस्कारी
अति संवेदनशील
बेहद धार्मिक
बेहद कर्मठ
इंसानियत से भरी
भावुकता से भरी
सोने में तुलने लायक
गंगाजल से नहलाने लायक
दुष्ट कोई हैं तो
अपने जन्मदाता
जिनके बिना
इस दुनिया में जन्म
लेना ही असंभव था और
इसका ऐश्वर्य देखना तो
हर हाल में नामुमकिन।
0 Comments