सूरज की उष्ण किरणें
गर्मियों की तपती दोपहरी में
किसी के बदन को चाहे झुलसा दें लेकिन
सूरज की यही किरणें
सर्दी के मौसम की
बर्फ सी ठंडी सर्द लहरों में तो
रूह को बहुत सुकून देती हैं
सुबह जब सूरज उगता है और
सांझ को जब यह ढलता है
तब तो सूरज की किरणें
इतनी कष्टदायक नहीं होती
सूरज की प्रकृति ही गर्म है
इसकी किरणें तो फिर उष्ण
होंगी ही लेकिन
तपती दोपहरी में
किसी घने पेड़ की छाया में
खड़े हो जाने पर या
किसी शेड के नीचे या
किसी दीवार की ओट में
छिप जाने से
सूरज की उष्ण किरणों की
चुभन से कुछ हद तक तो
खुद का बचाव किया ही जा
सकता है
सिर पर तनी आसमान की
नीली छतरी तो
सूरज की उष्ण किरणों को
छन छन करती
सिर से देह तक
एक तीर सा वार करती हुई
बरसाती ही है लेकिन
अपने सिर पर बांध लो
एक सूती कपड़ा या
ओढ़ लो कोई तिरपाल या
तान लो एक फैली हुई
बड़ी सी छतरी तो
सूरज की उष्ण किरणों से
कुछ हद तक बचाव
अवश्य रूप से संभव है।
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