सारे फैसले मेरे हक में


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मुझे उन पर और
उनके कहे
हर एक शब्द पर
पूर्ण विश्वास था
वह कुछ न भी कहें
तब भी
मुझे उनके मन में चल रहे
सारे संवाद समझ में आ जाते थे
वह जो कुछ भी
कार्य प्रतिपादित करते थे
उसका प्रभाव मेरे मन पर
हमेशा सकारात्मक ही पड़ता था
उनके सारे फैसले मेरे हक में ही
आते थे
मुझे कभी किसी भी प्रकार के
समझौतों पर हस्ताक्षर करने की
आवश्यकता नहीं पड़ी
कोई संबंध हों तो
दिल से दिल को बांधते हों
एक स्थायित्व लिए हों
आजीवन चलें तो
जीवन में कुछ हासिल होता भी
दिखे
नहीं तो क्या हैं वह लोग
जो बड़े-बड़े वायदे करते नहीं थकते और
समय आने पर
उनसे मुकर जाते हैं
सामने पड़ने पर आपको
पहचानते भी नहीं और
दाएं बाएं मुंह फेरने लगते हैं।


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