हमसफर जो कदम से कदम मिलाकर
उम्र भर साथ चले तभी
यह जिंदगी के रास्ते पार होते हैं
उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी
थकान का नामो निशान नहीं होता जब
एक दूसरे की आंखों में झांकने पर
प्रेम के समर्पण भाव एक दूसरे के प्रति
एक समान होते हैं।
हमसफर जो कदम से कदम मिलाकर
उम्र भर साथ चले तभी
यह जिंदगी के रास्ते पार होते हैं
उम्र के आखिरी पड़ाव पर भी
थकान का नामो निशान नहीं होता जब
एक दूसरे की आंखों में झांकने पर
प्रेम के समर्पण भाव एक दूसरे के प्रति
एक समान होते हैं।
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