समय के चक्रव्यूह में


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समय के चक्रव्यूह में
मत फंस
ऐ बंदे
तू कुछ भी ऐसा मत सोच जो
विचार तुझे परेशान करें
भयभीत करें
हैरान करें
तू चलता चल
अपने कदम बढ़ाता चल
एक उम्मीद भरे स्वप्न अपने नयनों में
पिरो
अपनी मंजिल की ओर बढ़ता चल
अपने लक्ष्य को भेदता चल
अपने जीवन की यात्रा
पूरे जोशो खरोश से पूर्ण
करता चल।


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