किसी भी
मंगलकार्य पर
भाई को देखकर
उसकी बहन के चेहरे पर
मुस्कुराहट आ ही जाती है
अब गर जो हो
यह रक्षाबंधन का अवसर तो
यह पर्व तो मुख्य रूप से है ही
भाई बहन के अटूट प्यार को
समर्पित
इस दिन बहन से अपनी
कलाई पर राखी बंधवाते हुए
भाई मन ही मन अपनी बहन की
रक्षा का प्रण ले
अपने बचपन के दिनों को भी
याद करे
उन्हें फिर से जीवित करे
किसी के बहकावे में आकर
इस प्रेम की डोर को
एक क्षण को भी
कहीं से कच्चा न करे
उसे दिन पर दिन मजबूत करे
इस रिश्ते को कदापि न तोड़े
सब कुछ मिल जायेगा
इस संसार में
हो सकता है ढूंढने से
भगवान भी लेकिन
मां-बाप के पश्चात
एक सच्चे दिल से प्यार करने
वाली बहन सा कोई नहीं
मिलेगा
राखी के त्योहार पर
और हर दिन
हर प्रहर
हर पल
भाई यह वचन भरे कि
अपनी बहन का दिल तोड़कर
उसकी आत्मा को दुखाकर
उसे किसी भी रूप में
अपमानित कर
वह पाप का भागीदार कभी
नहीं बनेगा।
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