मौसम हो चाहे जो भी
सर्दी, गर्मी या बरसात
प्यार मेरा किसी के प्रति भी कम न हो कभी
बरसता रहे यह तमाम उम्र जैसे बरस रही है यह सावन की रिमझिम मदमस्त फुहार।
मौसम हो चाहे जो भी
सर्दी, गर्मी या बरसात
प्यार मेरा किसी के प्रति भी कम न हो कभी
बरसता रहे यह तमाम उम्र जैसे बरस रही है यह सावन की रिमझिम मदमस्त फुहार।
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