यह जिंदगी का जो उपहार मिला है


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जिंदगी समझ आती है
पूछ रही हूं तुमसे मैं यह सवाल
मुझे तो नहीं आती
मुझे लगता है कि
इसे समझने की चेष्टा भी
करनी नहीं चाहिए
कुछ समझ आकर भी
कुछ समझ आयेगा नहीं
मतलब कि पक्के तौर पर
कुछ समझ पाने में हर कोई
खुद को पायेगा असमर्थ ही
इसके भंवर में खुद को उलझाने से
बेहतर है कि
यह जिंदगी का जो उपहार मिला है
उसे बिना कोई एक भी क्षण गंवाये
हंसकर, बिंदास रूप से जिया जाये
कुछ भी इसके बारे में न सोचा जाये
बस जो समय मिलता जाये
उसे एक बेहतर तरीके से
व्यतीत किया जाये।


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