मेरी जिंदगी की किताब के हर पन्ने पर लिखा है ‘दोस्त’


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मेरी जिंदगी की
किताब के
हर पन्ने पर लिखा है
दोस्त दोस्त दोस्त
दोस्त तू मेरे लिए
खुदा से भी बढ़कर है
मेरे मुश्किल वक्त में
किसी ने आगे बढ़कर जो
मेरा हाथ थामा तो
वह तू था
मेरे जज्बातों को समझा
मुझे हरदम हौसला दिया
मेरे हुनर को तराशा
मेरे हाथ को अपने हाथों में
कसकर पकड़कर थामा
मुझे जिंदगी भर संभाले रखा
दूर रहकर भी
मेरे दिल के बेहद करीब रहा  
जो मेरा हमसफर
वह मेरा दोस्त ही था
मैं तुझे शुक्रिया कहने के लिए
शब्दों का भंडार कहां से लाऊं
तेरे अहसानों तले दबी हूं
मुझमें नहीं तेरी सी
काबिलियत कि
मैं तेरी मेहरबानियों का
एक अंश मात्र भी तुझे
वापिस कर पाऊं
बस तहे दिल से तुझे
धन्यवाद दे सकती हूं
तुझे दिल से,
सच्चाई से
गहराई से
चाह सकती हूं
तेरी सलामती की हर समय
दुआ कर सकती हूं।


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