यह रोशनी के समुन्दर


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यह भावों की अनुभूति
यह यादों भरे एक गीत की स्तुति
यह प्रकृति से मेरे प्रेम की कृति
मुझे कहां ले जायेगी
क्या एक तारों भरे आकाश की छांव में या
एक सुनहरी किरणों सी तितलियों के गांव में या
एक फूलों भरे किसी रास्ते की घाम में यह घने जंगल में खड़े पेड़
मुझ पर हरियाली की बौछार करते
मेरे कानों में क्या कह रहे हैं
मुझे किस बारे में कौन सी सलाह दे रहे हैं
एक फूल भी तोड़कर मेरे हाथों में नहीं दे रहे हैं
यह कोमल मखमली सी दूब
किसी सुंदर परी की काया सी ही है
यह रोशनी के समुन्दर
किसी छोटी सी नौका का इंतजार
कर रहे हैं जो हो
या तो एक मोहब्बत के अहसास में डूबा चांद या
एक सितारा या
फिर कोई रिश्तों के रेशमी धागों को बुनता
एक मंजिल पर किसी दीये की रोशनी सा जगमगाता
पेड़ों के सायों को झुरमुटों सा जोड़ता एक किनारा।


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