कोई कुछ भी कर ले
चाहे तो यह समय भी
कोई भी यत्न कर ले लेकिन
जिंदगी की दौड़ में
मैं इन सबसे एक कदम आगे हूं
हूं या नहीं
यह सच है या झूठ
सही या गलत
खुद को खुश करने के लिए
ऐसा कुछ विचार
मन में सोच भी लिया तो फिर
क्या हुआ
किसी का मैंने क्या बिगाड़ दिया
जब भरी पूरी भीड़ में से
कोई प्रोत्साहित नहीं करता तो खुद में बस थोड़ा सा हौसला ही तो भरा
थोड़ा सा खुद को संतुष्ट किया
आत्मिक संतोष को प्राप्त किया।
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