आज आज कहां
यह कल ही है
एक बीता हुआ पल ही है
एक सुंदर यादों को खुद में कहीं भीतर संजोये बैठा एक रमणीय स्थल है
आज में आज के जीने जैसा कुछ भी
न हो
गर इसके चित्र पर अंकित
अतीत का एक दर्द भरा गीत न हो।
आज आज कहां
यह कल ही है
एक बीता हुआ पल ही है
एक सुंदर यादों को खुद में कहीं भीतर संजोये बैठा एक रमणीय स्थल है
आज में आज के जीने जैसा कुछ भी
न हो
गर इसके चित्र पर अंकित
अतीत का एक दर्द भरा गीत न हो।
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