कई बार सपने देर से सही लेकिन


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जिंदगी का हर दिन
एक नया आरंभ होता है जो
एक नया अवसर भी प्रदान करता है उपहार में
कहीं कोई अंत है ही कहां
किसी जीवन का अंत होता है
उसकी मृत्यु के साथ लेकिन
उसे यह नहीं पता होता कि
वह मर चुका है
अब जीवित नहीं है
अब इस संसार में नहीं है
जिंदगी कोई अवसर दे और
वह हाथ से फिसल कर
एक कांच के बर्तन की तरह
टूट कर बिखर भी जाये तो
इसमें कोई पछतावा नहीं होना चाहिए क्योंकि कई बार जिंदगी
आपको उससे बेहतर विकल्प प्रदान करती है
एक समय बिंदु पर लगता है कि
हमने कुछ खो दिया जो
हमें मिलना चाहिए था लेकिन
कोई खुद पर भरोसा रखे और
एक सही रास्ते पर
एक सही दिशा में
अपनी तय मंजिल की ओर
बढ़ता जाये तो
मन में कभी कोई पछतावा
नहीं होता
कई बार सपने देर से सही
लेकिन अचानक पूरे होते हैं।


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