तोड़ देते होंगे
लोग किसी दर्पण को
जब क्रोधित होते होंगे
मैं तो अपने दर्पण को
तोड़ने की भूल पर कभी नहीं
करूंगी
एक यही तो है जो
मुझे मेरी सच्चाई से रूबरू कराता है
मुझे घर के एकांत में
अकेलेपन का न अहसास कराता है
जो मैं कहती हूं
वही करता है
मेरा एक अच्छा दोस्त है
कोई दुश्मन नहीं
बेजान है लेकिन
मेरी जान है
इसमें तो मैं कभी एक दरार भी
न आने दूंगी
चाहे यह मुझसे कितनी भी
तकरार करे
मेरी मोहब्बत को
न स्वीकार करे
मेरी इश्क की अर्जियों को
अस्वीकार करे
मेरी चाहत से इंकार करे
मुझे थोड़ा सा भी बेशक न
प्यार करे।
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