एक गुलाब की रंगत लिए
फूल सा खिला चेहरा है तेरा
होंठ गुलाबी
आंख शराबी
केश काली घटाओं से काले
गाल जैसे लाल आग के अंगारे
तन तेरा सुंदर
मन तेरा सुंदर
सिर से पांव तक
तू एक हुस्न का
उफनता समुंदर
तेरे आने से
बहारों का मौसम पतझड़ में भी
लहराये
एक गुलाबी फूलों की महक
सारी फिजाओं में बिखर जाये
तेरी आंखों के दर्पण में जो झांके आसमान से समुन्दर तक
उसे जर्रा जर्रा गुलाबों सा
गुलाबी नजर आये।
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