रंगों की बौछार है
मस्ती बेशुमार है
सारी हदें क्यों न पार करें
आज होली का त्यौहार है
आज हर घर, हर गली मनेगी
बृज की होली
हर कृष्ण संग होगी उसकी राधा
हुड़दंगों की, मस्तों की टोली
नगरों में निकलेगी
टेसू के फूलों की होली होगी
अबीर गुलाल की होली होगी
फूलों की होली होगी
पानी के रंगों से भरी
पिचकारी की होली होगी
भांति भांति के व्यंजनों के स्वाद
भरे रस की फुहार होगी
कलियों की माला एक दूसरे को
पहनाते
सबको गले लगाते
प्रेम के इत्र की चंदन सी
सुगंधित हर सू बरसात होगी।
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