एक पल होता है
खुशियों भरा
अगले ही पल
खुशियों को मौत आ जाती है
जीवन का हर पल खुद में
एक नया रंग समेटे होता है
क्यों न हम इन सब रंगों में सराबोर हो जायें
इनमें डूब कर तर जायें
इन्हें सहर्ष अपने मन के दर्पण में उतार लें इन्हें अपना लें
अपना रूप रंग संवार लें।
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