आसमान पर रख दिया है कदम
बादलों के पार एक चांद देश में
बसा लिया है मैंने अपने सुंदर
सपनों का एक घर
सूरज की आत्मा को खुद में जज्ब करके अब हर सुबह चमकता हूं मैं
किसी को एक राज जो नहीं है पता कि रातों में भी सितारों के जहां में
एक जुगनू सा टिमटिमाता
सबकी रखवाली करने के लिए
सारी सारी रात जगता हूं मैं।
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