जैसे ही पड़ी मैं उसके सामने
मुझ पर तत्काल प्रभाव से वार हुआ
दिल टुकड़े-टुकड़े
पूरी तरह से अब छलनी है मेरा
अब उसके लिए तो कम से कम
धड़क नहीं पायेगा
वक्त की मार सहते सहते
समझदार जो हो चला है।
जैसे ही पड़ी मैं उसके सामने
मुझ पर तत्काल प्रभाव से वार हुआ
दिल टुकड़े-टुकड़े
पूरी तरह से अब छलनी है मेरा
अब उसके लिए तो कम से कम
धड़क नहीं पायेगा
वक्त की मार सहते सहते
समझदार जो हो चला है।
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