जिंदगी की कहानी तो
हमेशा अधूरी होती है
जितनी गुजर चुकी होती है
बस उतनी ही हर किसी को पता होती है आने वाला समय या पल या
जीवन के रास्ते का मोड़ कैसा होगा
यह भला कोई कैसे जान सकता है
यह जिंदगी का रास्ता पार होगा या भटकायेगा या
दुर्घटनाग्रस्त हो जायेगा
इसका अनुमान कोई नहीं लगा सकता यह अवश्य है कि हर किसी की
जिंदगी की कहानी उसके जन्म से
आरंभ होती है और
उसकी मृत्यु पर समाप्त हो जाती है
मौत किसी भी जिंदगी के
सफर का आखिरी पड़ाव होती है
जिंदगी की अधूरी कहानी इस
बिंदु पर पहुंचकर पूर्ण हो जाती है
किसी के जीते जी पर प्रेम एक ऐसा
भाव है जो किसी के दिल में जो
एक बार घर कर गया तो कभी
अधूरा नहीं होता
एक सच्चे प्रेमी को हमेशा पूर्णता
का अहसास होता है
अपूर्णता या अधूरापन उसकी
कहानी या किरदार में होता ही
नहीं
उसे कहीं से भी छूकर नहीं गुजरता।
0 Comments