इस टूटे हुए दिल को


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मेरी कलाई जो तूने मरोड़ी तो

मेरे हाथों में पड़ी

कांच की चूड़ियां तो टूटेगी ही

साथ-साथ जो

मेरे दिल का शीशा

चकनाचूर होकर

मेरी शिराओं में ही

जर्रा जर्रा इधर-उधर

बिखर जायेगा तो उसका क्या

नई कांच की चूड़ियां तो

बाजार से खरीदकर

उन्हें लाकर मैं फिर से

अपनी कलाइयों पर सजा लूंगी

लेकिन इस टूटे हुए दिल को

मैं फिर से किस युक्ति से

जोड़ पाऊंगी।


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