कुछ लोगों को
शांति से ज्यादा शोर पसंद होता है
सुगंधित बहती हवायें उन्हें अच्छी नहीं लगती
धूल भरी तेज आंधियां जो थोड़ा बहुत नुकसान भी करें
उनके मन को भाती हैं
घर की चारदीवारी
अपने घर के सदस्य
अपने घर के आंगन की सौंधी सौंधी मिट्टी की महक
उनकी शिराओं में आनंद की भावनाओं का संचार नहीं करती
घर के बाहर की दुनिया
अजनबी लोग
भटकती हुई बिना मंजिल की राहें
यह ऐसे लोगों का स्थाई निवास स्थान होता है
अच्छे लोगों में कोई अच्छाई नहीं
देख पाते
बुरे लोगों को बुरा मानने को तैयार
नहीं होते
घर को जन्नत नहीं
नरक का एक द्वार बना देते हैं
घर के सदस्यों को
अपने परिवार को परिवार कभी
मानते नहीं
उनमें से बारी बारी से
एक एक को चुनते हैं और
मौत के घाट उतार देते हैं
एक हंसते खेलते गुलिस्तान को
एक कब्रिस्तान बना देते हैं और
अपनी काली करतूतों पर एक पल को
भी शर्म खाते नहीं।
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