सपनों का दामन कभी न छोड़ने का करें वायदा


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न रात्रि का अंधकार गहरा है

न ही आंखों में उतरता कोई सपना है लेकिन

सपनों की भी भूली बिसरी यादें हैं

एक दुनिया है

एक अस्तित्व है

एक रास्ता है

एक मंजिल है

इन्हें पुनर्जीवित किया जा सकता है

दिल के एक कोने में पड़े सपनों को झकझोरकर जगाया जा सकता है

इनका दामन कभी न छोड़ने का एक बार फिर

जोरों शोरों से दावा या वायदा किया जा सकता है

सपने देखना कोई गुनाह नहीं

यह मन में विचार कभी पनप भी जाता है 

दुनिया में विद्यमान शूल जैसे कुछ लोग 

बहुत कुछ अप्रत्याशित घटित करा देने को

बाध्य करते रहते हैं

सपनों के मार्ग में भी रुकावटें उत्पन्न करने के 

अवांछित तत्व जब तब प्रयास करते रहते हैं

कभी कभी सब कुछ हासिल करके भी यह मन 

कहीं खुद से ही हारने लगता है 

यह अलग बात है कि वह ऐसे में भी दूसरों को प्रेरित करते रहना 

कभी नहीं भूलता

सपने कभी अपने मरने लगे तो

दूसरों के फलीभूत होते देख

खुश होना सीख लेना चाहिए

सपनों को कभी पर कोशिश करनी चाहिए कि 

वह एक लंबे समय तक जीवित रहें

उन्हें साकार करने के और निरंतर

पाने की कोशिश करते रहना चाहिए

कोई बड़ा सपना देखने से डर लगने

लगे तो

जितनी खुद में क्षमता हो उस आकार के ही देख लो लेकिन

कई बार चाहे सपनों के पथ से

कुछ समय के लिए डगमगा जाओ लेकिन प्रयास करो और फिर उस

मार्ग पर वापिस आकर

सपने देखने और उन्हें पूरा

करने का कार्य शुरू करो।


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