तुम्हें क्या लगता है कि
मैं कोई कपड़ा सिल रही हूं और
उससे किसी के लिए कोई परिधान
बना रही हूं
हो सकता है कि तुम कुछ हद तक
ठीक हो
जिसको जितना दिखता है
वह हमेशा उतना भर ही सोच पाता है
उससे बाहर कभी कहां देख पाता है
किसी के मन की खिड़की से
उसके भीतर क्या चल रहा है
कभी कहां जान पाता है
किसी को आज की
आधुनिकता वाली
जीवन शैली की
व्यस्तता वाली भाग दौड़ में
दूसरा क्या कर रहा है
इसकी कहां चिंता है
वह सुई में धागा पिरो रहा है
या धागा सुई से लिपट रहा है
यह बारीक विश्लेषण कहां कर
पा रहा है
हर किसी को मतलब है कि
उसका कोई काम कर दे
उसे कोई एक सुंदर परिधान
सिलकर दे दे
उसके पीछे किसी की
कितनी लगी मेहनत,
समय या पैसा या
समर्पण भाव या भावनायें
अरे इतनी लंबी छलांग
मत लगाओ
वापिस लौटकर फिर
सिमट आओ
अपने काम में ध्यान
लगाओ
प्यार के भावनाओं भरे
जंगल में खुद को न
भटकाओ
खो जाओगे
कोई मिलेगा भी नहीं
जो फिर तुम्हें वापिस
ढूंढ कर तुम्हारे घर पहुंचा
सके।
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