जो कुछ हो तो नहीं मिलता
जो न हो तब तो मिलता ही नहीं
सब कुछ समझ आता है पर
कोई कुछ कर पाता नहीं
बस अपने हाथों में तो यह है कि
मुस्कुराते हुए यह जीवन काट दो
जिस दिन यह आंखें बंद हो गई तो
यह बेवफा जीवन ही कौन सा अपना होगा।
जो कुछ हो तो नहीं मिलता
जो न हो तब तो मिलता ही नहीं
सब कुछ समझ आता है पर
कोई कुछ कर पाता नहीं
बस अपने हाथों में तो यह है कि
मुस्कुराते हुए यह जीवन काट दो
जिस दिन यह आंखें बंद हो गई तो
यह बेवफा जीवन ही कौन सा अपना होगा।
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