यह कैसे रिश्ते हैं
बेजान से
जिनके साथ कट रहा है
मेरी जिंदगी का सफर
न इनके साथ रहा जाता है
न ही जुदा होना संभव है
सब कुछ असंभव सा है पर
फिर भी दिल को समय समय पर
समझाते हुए
सहज भाव से रहना पड़ता है।
यह कैसे रिश्ते हैं
बेजान से
जिनके साथ कट रहा है
मेरी जिंदगी का सफर
न इनके साथ रहा जाता है
न ही जुदा होना संभव है
सब कुछ असंभव सा है पर
फिर भी दिल को समय समय पर
समझाते हुए
सहज भाव से रहना पड़ता है।
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