आज की रात
लगता है
चांद पर ग्रहण
लग गया है
मेरी आंखों पर से भी
नींद का पर्दा
हट गया है
बिना एक भी पल सोये
लगता है
सुबह हो जायेगी
पलंग के पलड़े को
मुझे सुलाने के लिए
मेरा भार
आज कुछ ज्यादा
लगता है।
आज की रात
लगता है
चांद पर ग्रहण
लग गया है
मेरी आंखों पर से भी
नींद का पर्दा
हट गया है
बिना एक भी पल सोये
लगता है
सुबह हो जायेगी
पलंग के पलड़े को
मुझे सुलाने के लिए
मेरा भार
आज कुछ ज्यादा
लगता है।
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