दिल तुम्हारा
छलनी नहीं होता
जब अपने मां बाप की भी
अनदेखी करते हो तुम
जिन्होंने सींचा उम्र भर तुम्हें
अपने लहू से
उनकी आंखों के आंसू
सुखाकर
उनकी इज्जत को बड़ी बेरहमी से
सरे आम
तार तार करते हो तुम।
दिल तुम्हारा
छलनी नहीं होता
जब अपने मां बाप की भी
अनदेखी करते हो तुम
जिन्होंने सींचा उम्र भर तुम्हें
अपने लहू से
उनकी आंखों के आंसू
सुखाकर
उनकी इज्जत को बड़ी बेरहमी से
सरे आम
तार तार करते हो तुम।
0 Comments