ऐ मेरी सुंदर फूलों की वादियों


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मुझे ऐसा महसूस हो रहा है

जैसे कि मैं मुरझा रहा हूं

अपने अस्तित्व को खो रहा हूं

अपने जीवन के रंगों से दूर हो रहा हूं

ऐ मेरी सुंदर फूलों की वादियों  

आज मुझे कुछ देर के लिए

अपने चटक रंग उधार दे दो

जैसे तुम इन्हें सुबह के

हर क्षण सूरज से लेती हो

इन्हें देने में तुम हिचकिचाना मत

अपने हाथ सिकोड़ना मत

अपने दिल को एक आसमान सा ही विशाल करना

तुम अपनी यात्रा अनंत करना

उसकी कोई मंजिल कभी तय

मत करना

तुम एक महान व्यक्तित्व की धनी हो

यह परिचय तुम हमेशा

सबके समक्ष प्रस्तुत करती रहना।


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