यह बंधन आज है जैसा
बना रहे आखिरी सांस तक ही ऐसा तो कोई बात बने
नफरत का बीज कोई दिल में न बो दे
लहराता रहे प्रेम का पेड़ फल, फूलों और पत्तों से लदा एक सुगन्धित हर सू तो कोई बात बने।
यह बंधन आज है जैसा
बना रहे आखिरी सांस तक ही ऐसा तो कोई बात बने
नफरत का बीज कोई दिल में न बो दे
लहराता रहे प्रेम का पेड़ फल, फूलों और पत्तों से लदा एक सुगन्धित हर सू तो कोई बात बने।
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