जिन्दगी तो बर्फ की एक चुस्की है


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एक माला में

जब तक मोती न पिरोए जायें तो

वह माला नहीं बनती

एक कैनवास में रंग न भरे जायें तो

वह एक पेंटिंग नहीं बनती

छोटे छोटे सितारों की चमक

साथ न हो तो

चांद भर होने से

कोई रात का सुरमई आकाश नहीं

बनता

सूरज को उसकी किरणों का

साथ न मिले तो

दिन में प्रकाश का उजाला

चारों दिशाओं में फैल नहीं सकता

उपवन में एक नहीं

खिलते हैं जब असंख्य फूल तो

ही वह गुलजार होता है

घर में फैल जाये तन्हाई

न बजे कहीं से कोई शहनाई

गर दीपक की लड़ियों का

प्रकाश हर कोने में न

फैलता हो

जिन्दगी मिलना खुद में

किसी के लिये

एक बहुत बड़ी उपलब्धि है

इससे बड़ी सफलता और क्या

कोई हासिल करेगा

जीवन की गाड़ी

सही रफ्तार से

अपनी पटरी पर

हर पल को समेटे

छोटी छोटी खुशियां मनाती

हंसती गाती

दौड़ती रहे

मंजिल मिलती रहे

पीछे छूटती रहे

एक गंतव्य स्थान पर

रुकने से पहले

दिल में

यह तो न मलाल हो कि

जिन्दगी रहते

उसका कोई लुत्फ नहीं उठाया

जिन्दगी तो

बर्फ की एक चुस्की है

इसके स्वाद का मजा

चखते रहिये

इसे चूसते रहिये

यह नहीं किया तो

यह पिंघलकर हाथ से

निकल जायेगी

जिन्दगी में पाना चाहते

हों जो भी मंजिल

उसकी तरफ बढ़ते रहिये लेकिन

धैर्यपूर्वक

बिना चिन्ता

बिना तनाव

खुशी खुशी

नाचते गाते

जिन्दगी की हर छोटी खुशी का

उत्सव मनाते।


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