घर के कमरे की खिड़की से


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जिन्दगी में कई बार जब

सारे रास्ते बंद होते से

प्रतीत होते हैं तो

घर के कमरे की खिड़की से

बाहर जहां तक नजर जाती है

वही उस घर में एक नजर बंद कैदी की

दुनिया बन जाती है

बाहरी दुनिया के दरवाजे जब

किसी कारण होने लगते हैं बंद तो

उसके भीतर मन की दुनिया की

खिड़की खुल जाती है

यह तलाश होती है खुद की जो

उसे खुदा की मंजिल तक पहुंचती राह से

जुड़वाती है

दिल में उसके बस मोहब्बत

होती है

उसके रास्ते में पड़ रही हर चीज

उससे मोहब्बत करती है और

वह उन सबसे

मोहब्बत ही उसका आगाज होता है

मोहब्बत ही उसका अंजाम

मोहब्बत ही उसका रास्ता होता है

मोहब्बत ही उसकी मंजिल की पहचान

मोहब्बत करना ही उसकी तकदीर

होता है

मोहब्बत पाना ही उसके हाथों की

लकीरों में लिखा होता है

मोहब्बत का वह राही होता है

मोहब्बत का सामान साथ लिए

मोहब्बत इबादत होती है

मोहब्बत ही खुदा

मोहब्बत के अहसास से वह सब

पा लेता है जो

एक बंद कमरे में हासिल करना

एक बार को लग रहा था

मुश्किल

मन की दुनिया को देख पाना था

नामुमकिन

कमरे की खिड़की के बाहर की

हद तो बस एक दीवार थी

लेकिन मोहब्बत भरा दिल लिए

मोहब्बत की एक चिड़िया

मोहब्बत भरा ही एक गीत

गुनगुनाने

हर सुबह न जाने कहां से पर

मेरे कमरे की खिड़की पर

आ जाती थी

बाहरी दुनिया के

पैगाम वह शायद

अपने गीतों के माध्यम से

मेरी भीतरी दुनिया में प्रवेश

करवाती थी और मेरे संदेशों को

सम्भव है कि बाहरी दुनिया तक

पहुंचाती थी।


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