हमारे जीवन की एक छोटी सी कहानी


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हमारे परिवार में

चार सदस्य हैं

मैं, मेरे पिता और

हमारे दो बैल

दो मानव एवं

दो पशु

हमारा एक सुंदर सा खेत है जो

हम चारों की जीविका का है साधन  

हम चारों मिलकर

अपने खेत पर

अपने अपने हिस्से का काम करते हैं और

जो उपज इससे प्राप्त करते

उसकी आय से ही

अपना भरण पोषण करते हैं

हम गरीब हैं लेकिन

खुद में संतुष्ट हैं

हम दिनभर व्यस्त रहते हैं तो

जिंदगी से हमें शिकायतें कम हैं

प्रकृति के समीप हैं

इसका अर्थ यह हुआ कि

प्रभु के सानिध्य में हैं

हमारे साथ जो यह दो बैल हैं

इनकी भोली आंखों में ही

हमारी तो दुनिया बसती है

हमारी तो जीवन की यही एक

छोटी सी कहानी है

उम्मीदों की उड़ान भी हम

आकाश में एक पंछी की तरह न

भरकर

जमीन पर चल रहे

हमारे इन दो पशुओं की तरह ही

भरते हैं।


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