तमन्ना


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मेरी तमन्ना

मेरी ख्वाहिशों का आसमान

कोई बहुत ऊंचा नहीं है

जिंदगी मिली है तो

जीनी तो पड़ेगी

यह जमीन से जुड़कर

एक सीधे सादे तरीके से

हंसी खुशी बीत जाये तो

इससे बेहतर कुछ और हो नहीं

सकता

महल में

किलों में रहने का

मेरा कोई ख्वाब नहीं

वहां अकेलापन और

भटकाव है

दिलों में दूरियां हैं

दुनिया से कटाव है

महल खंडहर भी बन जाते हैं

समय के साथ

यादों के नाम पर भी कुछ नहीं होता

खंडहर में ही इधर उधर बिखरे पड़े

अवशेषों की तरह

तमन्ना करो तो

एक आम आदमी बनने की

करो जो

महान भी हो

राजा बनने के सपने न देखो

राजा को जब उसकी प्रजा का

साथ नहीं मिलता तो

वह इस दुनिया का सबसे

दुखी, अकेला और

हर तरफ से मार खाया व

हारा हुआ आदमी होता है।


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