रेगिस्तान में
भटक रही हूं कि
मुझे सूरज की तलाश है
और
सूरज तुम मुझे
आखिरकार मिल ही गये
देखो तो सही कि
तुम मेरे कितने करीब हो
और
हो मुझे तुम किस कदर अजीज।
रेगिस्तान में
भटक रही हूं कि
मुझे सूरज की तलाश है
और
सूरज तुम मुझे
आखिरकार मिल ही गये
देखो तो सही कि
तुम मेरे कितने करीब हो
और
हो मुझे तुम किस कदर अजीज।
0 Comments