हमारी बिटिया
हमारी चांद है
हमारे घर की फुलवारी है
हमारे आंगन की तुलसी है
हमारे जीवन का आधार है
एक यही दिन का आरंभ सी और
रात्रि के आगमन सी
हमारे हर दिन की शुरुआत होती
सूरज निकलने के साथ
प्रभु के स्मरण के साथ और
हमारी जान से प्यारी बिटिया के
सानिध्य के साथ
अपनी बेटी के बिना
इस जीवन को जीना अब
बहुत कठिन प्रतीत होता है
एक बेटी ही है
जिसने दिया
अपने मां-बाप के जीवन को
एक सुंदर आकार,
अनुभव और
अर्थ।
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