स्कूल जाने के बहाने
कम से कम
सुबह समय से
तैयार तो हो जाते हैं वे सब
जिन्हें जाना होता है स्कूल
स्कूल बस में
सुबह सवेरे
सबसे मिलना
एक सुखद अनुभव सा लगता है
खिड़की के तरफ की
आगे की
अपनी पसंद की और
वह भी अपने दोस्त के साथ वाली सीट
मिल जाये तो
फिर तो सफर और सुहाना
बन जाता है
स्कूल बस में घर से स्कूल
तक का
रास्ता पलक झपकते
हंसते खेलते पिकनिक सी
मनाते हुए ही कट जाता है
दिल चाहता है कि
स्कूल बस किसी कारण थोड़ी सी
लेट हो जाये और
पढ़ाई कम,
खेलने को और
मस्ती करने को
थोड़ा समय अधिक मिले
स्कूल बस से जो प्राप्त हो जाती है
तरोताजगी
वह कोई यकीन माने
दिन भर फिर स्कूल की
दिनचर्या से थकने नहीं देती
स्कूल बस एक चार्जर का काम
करती है जो
स्कूल से घर वापस आने तक
बॉडी की बैटरी को डिस्चार्ज होने
नहीं देती।
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