ये आज़ादी सिर्फ़ एक तारीख़ नहीं है,
ये हर सांस में जीने का हक़ है।
जंजीरें सिर्फ पाँव में नहीं होतीं,
सोच का खुलना ही सबसे बड़ी आज़ादी है।
ये आज़ादी सिर्फ़ एक तारीख़ नहीं है,
ये हर सांस में जीने का हक़ है।
जंजीरें सिर्फ पाँव में नहीं होतीं,
सोच का खुलना ही सबसे बड़ी आज़ादी है।
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