सर्दियों की रातें
बहुत सर्द होती हैं
रात भर शबनमी ओस
बरसती रहती है फूलों की काया पर और उनके बदन को सर्द हवायें और भी
ठिठुरा देती हैं
हम जैसे उम्र दराजों का
क्या है
अपने पक्के मकानों के बंद कमरों में
गर्म रजाई के अंदर
सोये पड़े रहते हैं
गहरी नींद में बेसुध पड़े होते हैं
ख्वाब देखते हैं लेकिन
यह सर्दी के मौसम के ख्वाब
कोहरे की चादर से ढके होते हैं और धुंधले होते हैं
साफ दिखाई नहीं पड़ते हैं
सर्दियों की रातों में दुआ करो कि
एक अच्छी गहरी नींद आ जाये
जो कहीं यह नींद टूट गई तो
सुबह होने में एक सदी नहीं
कई सदियां लगेंगी।
0 Comments