सर्दियों का मौसम होता है शायराना


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कब से था तुम्हारा इंतजार

शरद ऋतु तुम आई तो

महसूस हुआ जैसे कि

मेरे जीवन में आई बहार

सूरज की गर्मी ने शरीर को मेरे झुलसा दिया था

पसीने से रहता था बदन तरबतर

एक कालिख की परत सी चेहरे पर चढ़ी रहती थी

घर से बाहर निकलो तो हालत बुरी होती थी

तुम आई हो तो यह सब समस्यायें सुलझ जायेंगी

जब तक तुम रहोगी तो गर्मी से निजात मिल पायेगी

सर्दी का मौसम सबसे सुहाना होता है 

दिन सूरज की तपिश से लबरेज तो

रात को रजाई की गर्मी से बदन सिकता है और 

बेहिसाब आराम मिलता है

अंगीठी, हीटर तापना

मूंगफली, गजक चबाने का अपना अलग ही मजा है

मक्के की रोटी के साथ सरसों का साग वह भी मक्खन के साथ

खिली धूप में बैठकर खाने का

अपना ही एक दोस्ताना सा प्यार भरा सिलसिला है

सर्दियों में हर रंग अपने शबाब पर होता है

क्या फूल, क्या पत्ते, क्या चेहरे

हर कोई एक गुलाब की रंगत सा खिला दिखता है

अदरक की चाय के साथ शेरो शायरी और 

पुराने फिल्मी गाने गुनगुनाने का अपना शाही अंदाज है

सर्दियों का मौसम होता ही है शायराना, मस्ताना,

दीवाना सा

याराना सा

आशिकाना सा।


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