वादा


0

जो लोग वादे

बड़े बड़े करते हैं

उन्हें समय आने पर

अक्सर तोड़ा करते हैं

कसमे वादों का ऐलान क्या करना

जिन्हें उन्हें निभाना होता है

वह तो खामोशी से

दिल से उन्हें अंजाम तक

पहुंचाते हैं

कोई वादा करे या न करे

वह उसके साथ क्या कर रहा है

कैसे कर रहा है

क्यों कर रहा है

यह सब साफ साफ दिख जाता है

वादा किसी के साथ कभी

करो ही नहीं बल्कि

उसके लिए कुछ ऐसा कर जाओ कि

तुम जब न रहो तो

उसे बहुत याद आओ

वादा कोई किसी से कभी कर भी

लो तो

फिर कोशिश करके उसे

निभाओ

वादा ऐसा ही करो जिसे

पूरा करने की तुम में

ताकत हो

काबलियत हो

चाहत तो

वादा पूरा कर सकते हो तो

उसे कभी तोड़ना मत

जिसको उम्मीद होगी

उसका तो दिल टूट जायेगा

उसके सपनों का तो आशियाना

उजड़ जायेगा

वादाखिलाफी करने वालों का क्या है

उनका तो ऐशो आराम का

तख्तो ताज का

साजो समान से सजा महल बस जायेगा।


Like it? Share with your friends!

0

0 Comments

Choose A Format
Story
Formatted Text with Embeds and Visuals