यह तन मनुष्य का
एक जंगल ही तो है
उसका मन एक मरुस्थल
उसकी आत्मा एक खुला विस्तृत आकाश
जीवन की यात्रा पर निकले हो तो
एक साहसी योद्धा से आगे बढ़ते चलो कदम आगे बढ़ाते चलो
अगला पल कैसा होगा
यह विचार किये बिना
प्रकृति से चाहो तो सीख सकते हो अपने मन मुताबिक जीने का मंत्र खामोशी से अपने जीवन के रास्ते
तय करते चलो
बाधायें तो आयेंगी
उन्हें भी सहजता से पार करते चलो
यह दिल एक जंगल है
चाहे तो उसमें आग लगा दो
चाहे तो उसमें शांति का बीज बो दो चाहे तो उसकी सुंदरता निहारो
चाहे तो एक लुटेरे बन जाओ या
चाहे तो एक तपस्वी
शांतिपूर्वक
घने वन के पेड़ों तले
तप करते हुए।
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