यह तुम्हारी इच्छाशक्ति पर


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यह तुम्हारी
इच्छाशक्ति पर निर्भर करता है कि
तुम्हें जमीन पर रेंगना या चलना है या फिर
आसमान में उड़ना है
तुम्हें कोई रोकता नहीं
ऐ मनुष्य!
यह तुम ही हो जो
अपने लिए बाधाएं उत्पन्न करते हो
रास्ता एक बंद होता है तो
तत्काल प्रभाव से
दूसरा खुल जाता है
बस आवश्यकता यह है कि
तुम्हें समय रहते
अपनी आंखों को बंद नहीं अपितु
खुला रखना है और
जीवन में जो अवसर मिले
उसे किसी भी कीमत पर
छोड़ना नहीं है
उसे अपने आंचल में
समेटते चलना है और
अपनी मंजिलों को पड़ाव दर
पड़ाव पाती हुई
एक लंबी यात्रा पर निकलना है।


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