यह तस्वीर
इस पल की
एक सौगात बनेगी
आने वाले कल की
तन्हाई में
जब आयेगी याद किसी की
पुरानी तस्वीरों को देखकर ही फिर
यादों की महफिल सजेगी अपनी
तस्वीर में उनके चेहरे को
अपनी आंखों में उतारकर
आलिंगन में उन्हें भरकर
माथे पर उनके चुंबन अंकित करके
दिल की खंडित गलियों से
गुजरती फिर कोई एक
वास्तविक सी प्रतीत होती
बारात सजेगी
अपने सजीले एक उम्मीदों से ओत प्रोत
स्वप्न की।
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