उसने मुझे
नाराज होकर
यह कह तो दिया कि
जा मर
जहन्नुम में जा
यह कहकर वह तो चला गया
लेकिन
जाते-जाते बताकर नहीं गया
वहां का पता
अब मैं किससे पूछूं कि
यह जहन्नुम क्या बला है
वहां पहुंचने का रास्ता
कौन सा है
उसका ठिकाना क्या है
कौन रहता है वहां
मुझे वहां जाकर किससे
मिलना होगा
मेरा वहां स्वागत होगा या
मिलेगी मुझे दुत्कार
मुझे वहां जाकर मिलेगी
उम्र भर की कैद या
कोई नया सपनों से परे भी
कोई संसार
वहां फूलों की वादियां होंगी या
कांटों से सिला हुआ कोई
कफन
वहां के बाशिंदे कैसे दिखते होंगे
मेरी तरह ही या
होंगे वह डरावने
मैं उन्हें देखकर भयभीत तो
नहीं हो जाऊंगी या
बन जायेंगे वह मेरे दोस्त और
समझेंगे मेरी उन तमाम
परेशानियों को जो
मैंने उम्र भर भोगी
इस माया नगरी
जिसे दुनिया कहते हैं के
जाल के पाशों में बंधकर।
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